नैनीताल जिले में एक युवक की आत्महत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों द्वारा पुलिस पर उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बीच पुलिस प्रशासन ने पूरे प्रकरण में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया है।
मामला खैरना चौकी क्षेत्र का है। एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला पुलिस उत्पीड़न से जुड़ा हुआ प्रतीत नहीं होता, बल्कि यह एक सामान्य पुलिस कार्रवाई के बाद घटित अलग घटना है। उन्होंने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार भवाली थाना क्षेत्र के खैरना चौकी अंतर्गत लोहारी गांव निवासी बलम सिंह बिष्ट को घटना से पूर्व शाम के समय पुलिस गश्त के दौरान नशे की हालत में पाया गया था। बताया गया कि वह सार्वजनिक स्थान पर अनुचित व्यवहार कर रहा था। पुलिस ने उसे तत्काल सीएचसी खैरना ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस एक्ट के तहत मामूली चालान कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना पुलिस को मिली, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरते हुए जांच शुरू कर दी।
एसपी क्राइम ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की टीम से कराया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में अनुचित व्यवहार करने वालों के खिलाफ चालान करना एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है


