उत्तराखंड में एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। बीते दिनों बीजेपी से निष्कासित नेता सुरेश राठौर की कथित पत्नी द्वारा फेसबुक लाइव में किए गए खुलासे के बाद यह मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया है। महिला ने वीडियो में अंकिता हत्याकांड से जुड़े एक कथित वीआईपी ‘गट्टू’ का जिक्र करते हुए उसे बीजेपी का बड़ा नेता बताया है।
इस खुलासे के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कांग्रेस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धामी सरकार और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक की कार्रवाई संदेह के घेरे में है और सरकार ने शुरुआत से ही बड़े नेताओं को बचाने की कोशिश की।
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड के बाद जिस तरह से रिजॉर्ट पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई, वह सबूत मिटाने की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि बनाई गई एसआईटी ने न्याय दिलाने के बजाय गवाहों को डराने और दोषियों को बचाने का काम किया। अब जब बीजेपी से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, तो पूरी सरकार चुप्पी साधे बैठी है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी हमलावर नजर आए। देहरादून में उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक हत्या नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिजॉर्ट पर चला बुलडोजर दरअसल उत्तराखंड के स्वाभिमान पर चला था।
हरीश रावत ने कहा कि जिस वीआईपी को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही थी, अब उसका नाम ‘गट्टू’ के रूप में सामने आ गया है। उन्होंने दावा किया कि अंकिता पर उस वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया जा रहा था। हरीश रावत ने आरोप लगाया कि बीजेपी सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस इस लड़ाई को जारी रखेगी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। कांग्रेस ने एक वायरल वीडियो के आधार पर सरकार और एसआईटी की जांच पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि बीजेपी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


