हल्द्वानी रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सियासी बहस का मुद्दा बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई ठोस तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि शुद्धिकरण की कार्रवाई किसी व्यक्ति के अपमान के उद्देश्य से की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए तूल देने के बजाय राजनीतिक दलों को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। बिना ठोस प्रमाण के किसी घटना को अलग रंग देने से समाज में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस से समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
यह विवाद हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ से शुरू हुआ था। कांग्रेस ने इसे अपमान और सामाजिक विभाजन से जोड़ते हुए भाजपा पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर प्रमाण मांगे। इसके बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने और तथ्य सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित शुद्धिकरण यज्ञ किन परिस्थितियों में कराया गया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की तस्वीर साफ होगी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद शुद्धिकरण विवाद को लेकर राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है।


