हल्द्वानी। भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बुधवार को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन करते हुए विकास, राष्ट्रवाद, सुशासन, जनकल्याण और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाने का संकल्प लिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने तथा हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़े कथित शुद्धीकरण विवाद को लेकर दो राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, प्रदेश सरकार के मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, महामंत्री तथा विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने ध्वजारोहण किया।
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और दलितों की उपेक्षा की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि राष्ट्रगीत स्वतंत्रता आंदोलन, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज युवा रोजगार मांगने वाले के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और अन्य दलित नेताओं के सम्मान के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तराखंड में सड़क, बिजली, पानी और संपर्क सुविधाओं के विस्तार को डबल इंजन सरकार की उपलब्धि बताया। उन्होंने चारधाम सड़क परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे समेत विभिन्न विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
कार्यसमिति के दूसरे प्रस्ताव में हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़े कथित शुद्धीकरण विवाद को लेकर कांग्रेस के रुख की आलोचना की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मामले को राजनीतिक रंग देकर सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने सामाजिक समरसता बनाए रखने और जातिगत भेदभाव के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यसमिति में धामी सरकार की समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसलों को भी उपलब्धियों के रूप में रखा गया। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2027 में दोबारा सरकार बनाने का संकल्प लेते हुए कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने का संदेश दिया।


