उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजिलेंस टीम ने सख्त कदम उठाते हुए एक जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर टेंडर कार्य के भुगतान के बदले अवैध धनराशि मांगने का आरोप था।
मामला राजधानी देहरादून के पशुलोक बैराज ऋषिकेश से जुड़ा है, जहां एक सरकारी टेंडर कार्य का भुगतान जारी करने के एवज में ठेकेदार से रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर फैसल खान लगातार 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था और बिना रिश्वत के भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा रहा था।
शिकायतकर्ता ने इस संबंध में विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद थाना विजिलेंस देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक विजिलेंस के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत 21 मई को टीम ने आरोपी फैसल खान, निवासी कटोराताल काशीपुर (ऊधमसिंह नगर), को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। विजिलेंस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


