उत्तराखण्ड गढ़वाल देहरादून पदोन्नति हिल दर्पण

उत्तराखंड… इस आईएएस अफसर को मिला पदोन्नति का तोहफा

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए आईएएस अधिकारी मीनाक्षी सुंदरम को पदोन्नति देकर प्रमुख सचिव स्तर पर नियुक्त कर दिया है। इस फैसले ने लंबे समय से चल रही चर्चाओं को समाप्त कर दिया, जिनमें उनके प्रमोशन की उम्मीदें जताई जा रही थीं। अब मीनाक्षी सुंदरम प्रमुख सचिव के रूप में शासन में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

यह भी पढ़ें 👉  एक क्लिक में 176 करोड़ ट्रांसफर...सीएम धामी ने लाखों लाभार्थियों को दी बड़ी सौगात

आईएएस अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम 2001 बैच के अफसर हैं। प्रमुख सचिव के पद के लिए 25 साल की सेवा की आवश्यकता होती है, और वह जनवरी 2026 में अपनी 25 साल की सेवा पूरी करने जा रहे थे। हालांकि, उत्तराखंड सरकार ने उनकी पदोन्नति में कुछ महीनों की छूट देते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें 👉  मंच पर नहीं पहुंचे राहुल गांधी...लेकिन फोन से चला दिया सियासी तीर

अब उत्तराखंड शासन में तीन अधिकारी प्रमुख सचिव स्तर पर काम करेंगे। सबसे सीनियर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु हैं, उसके बाद एल फैनई प्रमुख सचिव के रूप में काम कर रहे हैं, और अब मीनाक्षी सुंदरम का नाम भी प्रमुख सचिव के रूप में जुड़ गया है।

यह भी पढ़ें 👉  धामी सरकार का बड़ा सियासी दांव...दिग्गज नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी

फिलहाल, मीनाक्षी सुंदरम सचिव के तौर पर आवास और ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनके प्रमोशन के बाद राज्य प्रशासन में एक नई ताकत आ गई है, जो शासन में और भी प्रभावी बदलाव ला सकती है।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में