उत्तराखंड से बड़ी खबर सामने आई है। पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर में हरियाणा पुलिस की हिरासत में लाए गए 65 वर्षीय बलवंत सिंह की श्रीनगर बेस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई और प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हुई।
मृत्यु के दो दिन बाद भी पोस्टमार्टम नहीं होने पर परिजनों और यूकेडी नेत्री सरस्वती देवी के नेतृत्व में लोगों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर मोर्चरी के पास करीब आधे घंटे तक जाम लगाया। मौके पर पहुंचे श्रीनगर के सीओ और कोतवाल ने समझाइश देकर जाम खुलवाया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम एम्स ऋषिकेश से बुलाई गई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के आने के बाद दोपहर 1:30 बजे शुरू हुआ।
परिजनों का आरोप है कि बलवंत सिंह को घर से ले जाते समय पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ी। उनका यह भी कहना है कि हरियाणा पुलिसकर्मी बिना वर्दी के आए और खुद को हरियाणा पुलिस बताते हुए उन्हें अपने साथ ले गए। श्रीनगर अस्पताल में मौत होने के बाद हरियाणा पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना देकर मौके से चली गई, जबकि परिजन तब तक नहीं पहुंचे थे।
परिजनों के दबाव पर सोमवार शाम गोपेश्वर में हरियाणा पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और देर रात तक पंचनामा प्रक्रिया चली। स्थानीय पुलिस ने बताया कि बलवंत सिंह के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर पहले कर्णप्रयाग अस्पताल ले जाया गया, फिर बेस अस्पताल श्रीकोट, श्रीनगर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हुई।
मामले में परिजन और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकेगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


