उत्तराखंड में मई की तपिश इस बार ठंडी पड़ गई है। महीने की शुरुआत में ही हुई बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं ने पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम का मिजाज बदल दिया है। आमतौर पर जहां इस समय गर्मी अपने चरम पर रहती है, वहीं अब सुबह-शाम ही नहीं बल्कि रात में भी ठंड महसूस की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पंखे, कूलर और एसी बंद करने पड़ रहे हैं, और कई जगहों पर कंबल तक ओढ़ने की नौबत आ गई है।
मौसम विभाग ने राज्यभर में बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मसूरी में मौसम ने अचानक करवट ली और करीब आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि से छतें सफेद चादर जैसी दिखने लगीं। तेज हवाओं और बारिश के चलते ठंड बढ़ गई और लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। माल रोड पर भी पर्यटकों की संख्या कम हो गई, ज्यादातर लोग होटल की ओर लौट गए।
बारिश के आंकड़ों ने भी चौंकाया है। मई के शुरुआती चार दिनों में ही सामान्य से 398 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। देहरादून, पंतनगर और मुक्तेश्वर में एक दिन में हुई बारिश ने चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
वहीं बदरीनाथ धाम में भी मौसम ने पलटी मारी। नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत पर जमकर बर्फबारी हुई, जिससे तापमान गिरकर करीब 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2–3 दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे धीरे-धीरे मौसम फिर सामान्य होने लगेगा।


