उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी ने तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर अधिक था, अब पहाड़ी इलाकों में भी तपिश महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के मैदानी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून में कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। रविवार को राजधानी देहरादून में तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक बढ़कर 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा।
मौसम रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल महीने में यह तापमान देहरादून के इतिहास में दूसरा सबसे अधिक है। इससे पहले वर्ष 2009 में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
कुमाऊं मंडल में भी तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे मैदानों से लेकर पहाड़ों तक जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, देहरादून में सोमवार को हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते जिलाधिकारी ने कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। साथ ही स्कूलों और अस्पतालों को गर्मी से बचाव के जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और 4400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। हालांकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहेगा, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।


