उत्तराखंड में पंचायत स्तर पर खाली पड़े हजारों पदों को भरने की तैयारी तेज हो गई है। पंचायती राज विभाग ने राज्य निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजते हुए करीब 3000 रिक्त पदों पर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग मई महीने में इसकी अधिसूचना जारी कर सकता है।
जानकारी के अनुसार, रिक्त पदों में सबसे अधिक संख्या ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों की है, जो स्थानीय शासन व्यवस्था की अहम कड़ी माने जाते हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधान के दो पद और क्षेत्र पंचायत सदस्य का एक पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन पदों के रिक्त रहने से कई क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे।
पंचायती राज विभाग ने सभी खाली पदों की सूची तैयार कर राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी है। विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने बताया कि उपचुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन संभावना है कि मई तक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित कर निर्धारित समय में मतदान कराया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव से पहले आरक्षण व्यवस्था, मतदाता सूची के सत्यापन और मतदान केंद्रों की तैयारियों सहित सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद चुनाव कराए जाएंगे।
यदि मई में अधिसूचना जारी होती है, तो जून या उसके बाद उपचुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने की संभावना है। ऐसे में राज्य के ग्रामीण इलाकों में आने वाले समय में चुनावी सरगर्मी बढ़ना तय माना जा रहा है। कई जगह संभावित उम्मीदवारों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं आ रही थीं। ऐसे में इन उपचुनावों के जरिए न केवल खाली पद भरे जाएंगे, बल्कि ग्रामीण प्रशासन और विकास कार्यों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।


