उत्तराखंड में मौसम के बिगड़े मिजाज ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग द्वारा कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी, ओलावृष्टि और भूस्खलन की चेतावनी जारी किए जाने के बाद रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाते हुए उन्हें सुरक्षित होल्डिंग स्थलों पर ठहराया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सोनप्रयाग, गौरीकुंड और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को मौसम सामान्य होने तक यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन लगातार मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
यात्रा मार्ग पर पुलिस, SDRF, NDRF, DDRF, सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य विभागीय टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। संभावित आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई है। मैदानी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना के चलते येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 8958757335 और 8218326386 जारी किए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अगले कुछ घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का असर बना रह सकता है। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।


