देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर कुदरत का खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जब आसमान से गिरी बर्फ की फाहों ने पहाड़ों और वादियों को चांदी जैसी चमक से ढक दिया। सीजन की पहली बर्फबारी से सरोवर नगरी नैनीताल, ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर चोपता और तुंगनाथ क्षेत्र पूरी तरह से सफेद बर्फ की चादर में लिपट गए।
शुक्रवार सुबह से चोपता, दुगलबिट्टा और तुंगनाथ धाम में लगातार बर्फबारी होती रही, जिससे पूरा क्षेत्र बर्फ से आच्छादित हो गया। वहीं बसंत पंचमी के अवसर पर नैनीताल जिले में मौसम ने अचानक करवट ली और ऊंचाई वाले इलाकों में साल की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। मुक्तेश्वर, रामगढ़, धानाचूली, नाई और मनाघेर क्षेत्रों में शुक्रवार शाम हुई बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे सेब उत्पादक किसानों के चेहरे इस दौरान खिल उठे। किसानों का कहना है कि बर्फबारी से सेब के पौधों को आवश्यक चिलिंग आवर्स मिलेंगे, जिससे आगामी सीजन में सेब उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों को आशा है कि शनिवार को भी अच्छी मात्रा में बर्फबारी होगी, जो बागवानी के लिए और अधिक लाभकारी साबित हो सकती है।
पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और नैनीताल जिलों से ताजा बर्फबारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इसके साथ ही चारधाम—केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—में भी बर्फबारी दर्ज की गई है।
सीजन की पहली बर्फबारी के बाद पर्यटक स्थलों पर सैलानियों की आमद शुरू हो गई है। लंबे इंतजार के बाद हुई इस बर्फबारी ने न सिर्फ पहाड़ों की खूबसूरती बढ़ा दी है, बल्कि पर्यटन और बागवानी क्षेत्र के लिए भी नई उम्मीदें जगा दी हैं।


