उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बादलों का दौर जारी है, जबकि ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। निचले इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। हालांकि, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां कुछ धीमी पड़ी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका जताई गई है।
पिथौरागढ़ में रात से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते जिले में करीब 23 सड़कें बंद हो गई हैं। चीन सीमा क्षेत्र से संपर्क भी लगातार तीसरे दिन बाधित है। वहीं, नैनीताल में पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। झील के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए यहां करीब एक सप्ताह से निकासी द्वार खुले हुए हैं। बारिश के कारण जिले की करीब 23 ग्रामीण सड़कों पर भी आवाजाही प्रभावित है।
प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ हल्का हिमपात भी हुआ है। हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और आसपास की पहाड़ियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है। लगातार बारिश के कारण कई पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सड़क मार्ग बार-बार बाधित हो रहे हैं और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ीं, जबकि दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से उमस भी महसूस की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग ने लोगों से बारिश, भूस्खलन और आकाशीय बिजली को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।


