उत्तराखंड में होमगार्ड विभाग से जुड़ा एक बड़ा वर्दी घोटाला सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गृह विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि होमगार्ड विभाग में तैनात डिप्टी कमांडेंट जनरल (डीसीजी) अमिताभ श्रीवास्तव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भारी वित्तीय अनियमितताएं कीं।
आरोपों के मुताबिक, जवानों के लिए खरीदी गई करीब एक करोड़ रुपये की वर्दी और अन्य सामग्री को बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक कीमत पर, लगभग तीन करोड़ रुपये में खरीदा गया। इस खरीद में ठेकेदार के साथ मिलीभगत की बात भी सामने आई है।
कमांडेंट जनरल होमगार्ड पीवीके प्रसाद ने विभागीय जांच के बाद डीसीजी अमिताभ श्रीवास्तव को दोषी मानते हुए उनकी बर्खास्तगी, दो करोड़ रुपये की रिकवरी और उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की संस्तुति शासन को भेजी थी। उन्होंने बताया कि यह अनियमितताएं वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुईं।
जब वर्ष 2025-26 में इन्हीं दरों पर दोबारा टेंडर निकाला गया, तब मामले की गड़बड़ी पकड़ में आई। इसके बाद टेंडर को निरस्त कर दिया गया और पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी गई।
गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले कमांडेंट जनरल होमगार्ड का पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। मामले की जांच के लिए शासन स्तर के अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घोटाले के सामने आने के बाद कमांडेंट जनरल ने विभाग में वर्दी की खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से एक करोड़ रुपये के सामान का बिल तीन करोड़ रुपये का बनाया गया।


