उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। जिसमें 70 वर्षीय बुजुर्ग पिता ने अपने ही बेटे और बहू पर मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद एसडीएम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों को संपत्ति से बेदखल करने का आदेश जारी किया है।
उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र में आई इस घटना पर Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के तहत कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता ने ग्राम मकरंदपुर निवासी होकर बताया कि उन्हें अपने ही घर में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
मामले की सुनवाई उप जिला अधिकारी गदरपुर और कल्याण अधिकारी की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद अदालत ने बुजुर्ग के पक्ष में निर्णय सुनाया और बेटे व बहू को संबंधित संपत्ति से हटाने का आदेश दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस कानून का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा, सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना है। यदि संतान द्वारा माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न किया जाता है, तो प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है।
फैसले के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही बुजुर्गों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लागू कानून का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला समाज के लिए एक मजबूत संदेश है और इससे उन वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी जो पारिवारिक उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं।


