उत्तराखण्ड क्राइम गढ़वाल देहरादून हिल दर्पण

ये सड़क मुसलमानों के लिए नहीं!…वीडियो हुआ वायरल, मचा बवाल

खबर शेयर करें -

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्रशासन और आम लोगों के बीच हलचल पैदा कर दी है। यह वीडियो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड पर आपत्तिजनक नारे लिखते नजर आ रहे हैं, जिनमें एक समुदाय विशेष को सड़क उपयोग से जोड़कर विवादित टिप्पणी की गई है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोग देहरादून से संबंधित हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में फिर बड़ा हादसा...बेकाबू डंपर गिरा, दो लोगों की दर्दनाक मौत

सहारनपुर के बिहारीगढ़ थाना प्रभारी अक्षय शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट... शनिवार को इस जिले में स्कूल बंद

इस बीच, हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि टैक्स देने वालों को सड़क पर चलने का अधिकार है। बताया जा रहा है कि यह लेखन मोहंड क्षेत्र में बने एलिवेटेड हिस्से पर किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  आने वाले 5 दिन भारी!... देवभूमि में मंडराया भारी बारिश का खतरा, रहें सतर्क

वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में