उत्तराखंड में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में 15 मई तक मौसम अस्थिर बना रहेगा और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि 11 मई से मौसम और अधिक सक्रिय हो जाएगा। इस दिन पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
कुछ इलाकों में अचानक मौसम खराब होने को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बौछारों और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 मई के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि आंधी के दौरान यह 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।
मौसम विभाग ने 13 मई को भी इन्हीं जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है। तेज हवा और अचानक मौसम बदलने के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
14 और 15 मई को भी राज्य के पर्वतीय जिलों में मौसम खराब बना रह सकता है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों, किसानों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।


