उत्तराखंड में डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत से तनाव फैल गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है, वहीं संबंधित डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को तत्काल प्रभाव से अन्यत्र अटैच कर दिया गया है।
मामला ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज स्थित उप जिला अस्पताल का है। जानकारी के मुताबिक, शक्तिफार्म के तिलियापुर गांव निवासी सिकंदर कुमार की पत्नी आरती (30) को शनिवार को प्रसव पीड़ा के बाद सितारगंज उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद सामान्य डिलीवरी की संभावना जताई थी। रात करीब 9:40 बजे आरती ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में स्वास्थ्यकर्मी लापरवाही बरतते हुए वहां से चले गए। रात करीब 2 बजे महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने स्टाफ को सूचना दी। हालत गंभीर होने पर महिला को पहले स्थानीय निजी अस्पताल और फिर रुद्रपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सीएमओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को फिलहाल अन्य अस्पताल में अटैच कर दिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


