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डिजिटल पुलिसिंग का दम…साइबर ठगों पर कसा शिकंजा, रिकॉर्ड समय में पीड़ितों को मिली राहत

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हल्द्वानी। कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग, साइबर अपराध नियंत्रण और ऑनलाइन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) निवेदिता कुकरेती ने मंगलवार को पुलिस आधुनिकीकरण, सीसीटीएनएस और साइबर पोर्टलों की समीक्षा के दौरान बताया कि तकनीक आधारित पुलिसिंग से न केवल शिकायतों के निस्तारण में तेजी आई है, बल्कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण भी स्थापित हुआ है।

आईजी ने बताया कि 1 जनवरी से 20 जुलाई 2026 के बीच सीसीटीएनएस पोर्टल के माध्यम से 19,619 ऑनलाइन सम्मन प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग आधे सम्मनों की तामील सुनिश्चित की गई। साइबर शिकायतों के निस्तारण में पिथौरागढ़ ने 91 प्रतिशत और अल्मोड़ा ने 82.59 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

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साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस ने पीड़ितों को 58.14 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वापस कराई। एक माह के भीतर धनराशि रिकवरी का प्रतिशत 24.04 से बढ़कर 40.64 प्रतिशत हो गया, जबकि पीड़ितों के अनुरोध पर कार्रवाई की संख्या 220 से बढ़कर 1,084 तक पहुंच गई। रिकवरी के मामले में पिथौरागढ़ 70.5 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध में प्रयुक्त 1,268 संदिग्ध लोकेशन चिन्हित की गईं। कार्रवाई के दौरान 303 सिम कार्ड, 320 मोबाइल आईएमईआई ब्लॉक किए गए तथा 240 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों का सत्यापन कर 32 मुकदमे दर्ज किए गए। नागरिकों को थाने गए बिना राहत देने के लिए 190 शिकायतें ई-जीरो एफआईआर और लिंक एफआईआर के माध्यम से दर्ज की गईं।

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अंतर्राज्यीय समन्वय में भी कुमाऊं पुलिस का प्रदर्शन बेहतर रहा। अन्य राज्यों को भेजे गए 8,120 सहायता अनुरोधों में से लगभग 80 प्रतिशत और अन्य राज्यों से प्राप्त 2,746 अनुरोधों में से करीब 97 प्रतिशत का समयबद्ध निस्तारण किया गया। साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत 172 अपराधियों की प्रोफाइल राष्ट्रीय पोर्टल पर अपलोड की गईं, जिनमें 78 आरोपी अंतर्राज्यीय गिरोहों से जुड़े मिले।

आईजी ने बताया कि साइबर स्लेवरी अभियान के तहत 35 पीड़ितों में से 29 का सत्यापन किया गया, जबकि बाल ऑनलाइन सुरक्षा अभियान में 279 शिकायतों में से 220 का निस्तारण कर 14 मामलों में आपत्तिजनक सामग्री हटवाई गई। रेंज के 97 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने साइबर प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया है और अब तक 12,170 प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं।

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उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर 3.42 करोड़ से अधिक व्यूज मिले। आईजी ने सभी जिला प्रभारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ऑनलाइन शिकायत का संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो तथा तकनीक आधारित जनोन्मुख पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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हिल दर्पण डेस्क

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