उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उपनल कर्मचारियों के लिए संशोधित अनुबंध पत्र जारी कर दिया है, जिसमें उनकी कई प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है।
कार्मिक विभाग के अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत ने मंगलवार को यह संशोधित अनुबंध जारी किया। नए प्रावधानों के अनुसार अब कर्मचारियों का विभागीय समायोजन अस्थायी के बजाय संविदा के आधार पर किया जाएगा। यह संविदा हर वर्ष 60 वर्ष की आयु तक बढ़ाई जाएगी।
सरकार ने पुराने अनुबंध में मौजूद “अस्थायी समायोजन” की शर्त समाप्त कर दी है, जिसका कर्मचारी लंबे समय से विरोध कर रहे थे। साथ ही उपनल द्वारा निर्धारित अकुशल, अर्द्धकुशल और अधिकारी स्तर जैसी श्रेणियों को भी हटा दिया गया है। अब कर्मचारियों की नियुक्ति विभागीय पद की प्रकृति के अनुसार संविदा पर की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को एक कैलेंडर वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश और 15 उपार्जित अवकाश मिलेंगे। हालांकि, उपार्जित अवकाश अगले वर्ष के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों को वेतन के साथ महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा।
संशोधित अनुबंध में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रेच्युटी कुल मानदेय का हिस्सा मानी जाएगी। इसके अलावा, प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति में कर्मचारियों को नियमानुसार सुनवाई का अवसर भी दिया जाएगा।


