उत्तराखंड में भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की नई तैनाती को लेकर फिलहाल इंतजार जारी रहेगा। तय समय पर सिविल सर्विस बोर्ड (CSB) की बैठक नहीं हो पाने के कारण IFS अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग पर मुहर नहीं लग सकी। सचिवालय में शुक्रवार शाम 5:30 बजे प्रस्तावित बैठक अपरिहार्य कारणों से आहूत नहीं हो पाई। हालांकि माना जा रहा है कि आवश्यक होमवर्क पूरा न होने के चलते बैठक टल गई।
प्रदेश के वन विभाग में इस समय अधिकारियों की भारी कमी बनी हुई है। कई महत्वपूर्ण पदों पर नियमित अधिकारियों की तैनाती नहीं हो पाई है, जिससे अनेक अफसर दोहरे या उससे भी अधिक पदों का प्रभार संभाल रहे हैं। यह स्थिति न केवल फील्ड स्तर पर, बल्कि वन मुख्यालय में भी देखने को मिल रही है। PCCF वाइल्डलाइफ, CAMPA, वन पंचायत, प्रशासन समेत कई अहम पद अभी अतिरिक्त चार्ज पर संचालित हो रहे हैं।
इस बीच विभाग में हाल ही में कई अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है, जिनमें से कुछ को नई तैनाती मिलने की संभावना है, हालांकि अधिकांश के मौजूदा पद पर ही बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। 2008 बैच के अधिकारी साकेत बडोला, जो वर्तमान में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक हैं और पश्चिमी सर्कल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं, को CF से CCF पद पर पदोन्नत किया गया है। वहीं 2004 बैच के टी.आर. बीजू लाल के प्रमोशन पर विचार तो हुआ, लेकिन तकनीकी कारणों से फिलहाल उन्हें CCF पदोन्नति नहीं मिल सकी।
IFS अधिकारी कल्याणी और चंद्रशेखर जोशी को भी CF रैंक पर प्रमोशन मिला है। पहले ये प्रभारी CF के रूप में कार्यरत थे, लेकिन अब नियमित CF बन गए हैं। इसके अलावा 2017 बैच के पांच अधिकारियों—महातिम यादव, कुंदन कुमार, दीपक सिंह, आशुतोष सिंह और पुनीत तोमर—को जनवरी 2026 में नौ वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने के बाद जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (JAG) में पदोन्नति दी गई है।
साथ ही 2022 बैच के तीन IFS अधिकारियों आकाश गंगवार, तरुण एस और राहुल मिश्रा को सीनियर टाइम स्केल के तहत 5400 से 6600 ग्रेड पे में प्रमोशन दिया गया है।
उधर, अधिकारियों की कमी को देखते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MOEFCC) ने उत्तराखंड को 2024 बैच के पांच IFS अधिकारी अलॉट किए हैं। इन अधिकारियों ने इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी, देहरादून से फेस-वन प्रशिक्षण पूरा किया है। अब इन्हें चार माह की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है, जिसके बाद शेष प्रशिक्षण के लिए पुनः अकादमी में रिपोर्ट करना होगा।
उत्तराखंड कैडर पाने वाले इन पांच अधिकारियों में धिनो पुरुषोत्तम, गौरव वर्मा, शिरीन संजय पंडित, विनीत कुमार और यश डोबाल शामिल हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये अधिकारी प्रदेश में नियमित रूप से अपनी सेवाएं देंगे।


