उत्तराखंड में एक बार फिर बदमाशों का सामना पुलिस से हुआ है। युवक से लूट, मारपीट और अप्राकृतिक कृत्य के आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जिसके जवाब में आत्मरक्षा के तहत की गई कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है।
मामला ऊधमसिंहनगर जिले के नानकसागर डैम क्षेत्र का है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 6 अगस्त की रात प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम वांछित आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी बेरीघाट, खटीमा की तलाश में गश्त और चेकिंग कर रही थी।
पुलिस के अनुसार मच्छीझाला के पास डैम बंधे पर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और मौके से भाग निकला। पुलिस ने उसका पीछा किया और करीब दो किलोमीटर आगे गलाबाग रोड के कच्चे रास्ते पर घेराबंदी की। इस दौरान आरोपी की मोटरसाइकिल फिसल गई, जिसके बाद वह पैदल भागते हुए झाड़ियों में छिप गया और वहां से दोबारा पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को कई बार आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, लेकिन वह लगातार फायरिंग करता रहा। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में नियमानुसार जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, लूटा गया पर्स और नकदी बरामद की गई है।
पूछताछ में गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों दीपक सिंह निवासी झनकट और मनोज भाटिया निवासी बानूसी के साथ मिलकर 5 अगस्त 2026 को नानकसागर डैम क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट कर उसका पर्स और नकदी लूटी थी तथा उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य भी किया था। घटना के बाद से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल दोनों अन्य आरोपी दीपक सिंह और मनोज भाटिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में ले लिया है।


