उत्तराखंड में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अधेड़ व्यक्ति की हत्या कथित अवैध संबंध के चलते की गई थी। महिला को पति छोड़कर अपने साथ आने का दबाव बनाने और धमकी देने से नाराज पति-पत्नी ने मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश कर दिया है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
एसपी सिटी हरिद्वार दीपक सिंह ने बताया कि 17 सितंबर की सुबह दूधियाबंद के पास जंगल में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। मृतक के पास बिजनौर की बस का टिकट मिला था, लेकिन उसकी पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला था। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए आसपास के जिलों में संपर्क किया और जांच शुरू की।
20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान बिजनौर निवासी गोपाल के रूप में की। इसके बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को हत्या से जुड़े अहम सुराग मिले। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 21 सितंबर को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से नरेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में हत्या के पीछे की पूरी कहानी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान गोपाल की एक महिला से पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बन गए। आरोप है कि गोपाल महिला पर पति को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था और उसे धमकी भी दे रहा था। महिला ने इसकी जानकारी अपने पति नरेंद्र को दी।
इसके बाद नरेंद्र ने अपनी पत्नी, भाई और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गोपाल की हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत 16 सितंबर की रात महिला ने गोपाल को हरिद्वार बुलाया और उसे गंगा घाट पर ले गई। वहां शराब पीने के बाद गोपाल के सो जाने पर आरोपियों ने चापड़ और छुरी से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन और पर्स गंगा में फेंक दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का चापड़ बरामद कर लिया है। पुलिस अब मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उप निरीक्षक नंद किशोर ग्वाड़ी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


