उत्तराखंड के टिहरी झील के पास, डोबरा-चांठी ब्रिज इलाके में अचानक आए आंधी-तूफान ने दहशत फैला दी। तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण झील में बने फ्लोटिंग हटमेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई पर्यटक बीच पानी में फंस गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोटी कॉलोनी स्थित SDRF पोस्ट से एसआई नरेंद्र राणा के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम ने देखा कि तेज तूफान के कारण हटमेंट टूटकर बह चुके थे और कई लोग वहां फंसे हुए थे।
SDRF ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब 25 से 30 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालकर पर्यटन विभाग की नावों के जरिए कोटी कॉलोनी पहुंचाया। टीम की तत्परता और मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया—वरना स्थिति जबलपुर क्रूज हादसा जैसी भयावह हो सकती थी।
उधर, टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गेंवाली गांव में भी मौसम का कहर देखने को मिला। अचानक हुई मूसलाधार बारिश से गदेरे उफान पर आ गए, जिससे पानी खेतों में घुस गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा, जहां गेहूं की तैयार फसल बर्बाद हो गई।
पूर्व ग्राम प्रधान बचन सिंह रावत के अनुसार, गदेरे का तेज बहाव सीधे खेतों में घुसने से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। जिले के अन्य इलाकों में भी कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। लगातार बिगड़ते मौसम से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है और प्रशासन से नुकसान के आकलन के साथ मुआवजे की मांग तेज हो गई है।


