अगर आप अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है। ऐसा करना न सिर्फ़ क़ानूनन अपराध है, बल्कि इसके लिए आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। उत्तराखंड के हरिद्वार ज़िले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहाँ रुड़की पुलिस ने नाबालिग को वाहन देने के आरोप में उसके पिता को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग लड़के को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में चालान किया गया। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने नाबालिग के पिता तस्लीम खान के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद रुड़की कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर उप निरीक्षक आनंद मेहरा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने न्यायालय से प्राप्त वारंट की तामील करते हुए तस्लीम खान पुत्र दीवान अमीन खान, निवासी मकान नंबर 140, सती मोहल्ला, मदीना मस्जिद के पास, रुड़की से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि तस्लीम खान का नाबालिग पुत्र वाहन चला रहा था, जिस पर धारा 181/39/191/146/96/129/207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया था। इससे पहले भी नाबालिग को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया था, जिस पर 25 हजार रुपये का चालान किया गया था। हालांकि, तस्लीम खान ने न तो चालान जमा किया और न ही अदालत में पेश हुए, जिसके चलते कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।
गौरतलब है कि मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के तहत यदि कोई अभिभावक नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देता है या इसके लिए प्रोत्साहित करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस कानून के तहत तीन साल तक की सजा और 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।


