उत्तराखंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां थाने के भीतर महिला पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता और मारपीट की घटना ने हड़कंप मचा दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला, उसके पति और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस से दुर्व्यवहार, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
यह पूरा मामला राजधानी देहरादून के कारोबारी यशपाल सिंह की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 9 अप्रैल को थाना प्रेमनगर में प्रवीण सेमवाल और उसकी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल के खिलाफ गबन की शिकायत दर्ज कराई थी। यशपाल सिंह का आरोप है कि प्रवीण लंबे समय तक उनके यहां काम करता था और विश्वास हासिल करने के बाद उसने अपनी पत्नी और साले के साथ मिलकर साजिश रची।
आरोप है कि तीनों ने मिलकर ऑफिस के कैश काउंटर की डुप्लीकेट चाबी बनाकर नकदी की चोरी की और निर्माण सामग्री—जैसे रेत, बजरी, सीमेंट और सरिया—को भी बिना अनुमति के बेचकर लाखों रुपये हड़प लिए। जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 55 लाख रुपये के गबन का मामला है।
जब यशपाल सिंह को संदेह हुआ तो उन्होंने अपने बेटे से खातों की जांच कराई, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये लौटाने का लिखित समझौता भी किया, हालांकि बाद में उन्होंने इसे दबाव में कराया गया समझौता बताया।
इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने प्रवीण सेमवाल को थाने बुलाया था। इसी दौरान उसकी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल अपने भाई आकाश के साथ थाने पहुंची और वहां हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, महिला उपनिरीक्षक शोभा मेहता द्वारा समझाने का प्रयास करने पर आरोपियों ने अभद्रता की और महिला पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई करते हुए भागने की कोशिश की। इससे थाने में अफरा-तफरी मच गई।
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें पूरी घटना स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। फिलहाल मामले में आर्थिक गबन और थाने में हुई हिंसा—दोनों पहलुओं पर जांच जारी है।


