उत्तराखण्ड कुमाऊं जन मुद्दे हल्द्वानी हिल दर्पण

काठगोदाम-रानीबाग जाम से राहत… इतने करोड़ का बाईपास रोड प्रोजेक्ट मंजूर

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी: काठगोदाम से रानीबाग के बीच गुलाब घाटी क्षेत्र में लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से इस मार्ग पर जाम की समस्या के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

भीमताल से विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बताया कि जाम की समस्या के समाधान के लिए काठगोदाम से दानीजाला–सिमलखेत होते हुए HMT अमृतपुर तक बाईपास मोटर मार्ग बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंजूरी दे दी है।

यह भी पढ़ें 👉  रिश्तों को फिर लगा कलंक!...हवस में अंधा हुआ नाती; 95 वर्षीय नानी से दुष्कर्म

इस परियोजना के लिए कुल 18.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पहाड़ कटान के लिए 1.75 करोड़ रुपये, दूसरे चरण में 4.69 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में पुल निर्माण के लिए 11.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है।

यह भी पढ़ें 👉  अग्निवीरों के लिए खुशखबरी!... सीएम धामी का बड़ा ऐलान

मंत्री ने बताया कि जल्द ही इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस बाईपास के बनने से भीमताल विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे कुमाऊं के लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना को मंजूरी मिलने पर मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय भट्ट का आभार जताया है।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में