उत्तराखंड में एक बार फिर एक शर्मनाक घटना सामने आई है। एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तकनीकी जांच और लगातार दबिश के चलते उसकी चालाकी नाकाम रही।
शिकायतकर्ता ने कुछ दिन पहले कोतवाली लक्सर में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि गांव का निवासी युवक उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया। तहरीर मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी के लिए विशेष टीम बनाने के निर्देश दिए।
लक्सर पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लक्सर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसके संपर्कों, गतिविधियों और संभावित रूट पर नजर रखी।
पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का उपयोग कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। लगातार जांच और दबिश के बाद टीम ने रुड़की क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के साथ नाबालिग लड़की को भी सुरक्षित बरामद किया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। लक्सर पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार करने में तकनीकी और पारंपरिक जांच का समन्वय निर्णायक साबित हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिगों की सुरक्षा के लिए पुलिस सतर्क है और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।


