उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि भूस्खलन और मलबा आने से कई सड़कें बाधित हो गई हैं। प्रदेश में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में सात लोगों की मौत हुई है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में पौंधा रोड स्थित कंडोली पुल के पास तेज बरसाती बहाव में क्रेटा कार बह गई। कार में एक युवक और दो युवतियां सवार थीं। एसडीआरएफ ने रातभर सर्च अभियान चलाकर एक युवती को घायल अवस्था में बचाया, जबकि युवक अक्षय (20), निवासी जयपुर और दूसरी युवती का शव बरामद किया गया।
वहीं अल्मोड़ा के हवालबाग की उडयूडा ग्राम पंचायत में पहाड़ी से भारी मलबा मकान में घुस गया। मलबे में दबने से प्रेमा देवी (41), उनके बेटे मनीष (17) और बेटी कल्पना (19) की मौत हो गई। धार की तुनी क्षेत्र में निर्माणाधीन दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की भी जान चली गई।
नैनीताल जिले में गौला समेत कई नदियां उफान पर हैं। बारिश और भूस्खलन से पांच राज्य मार्ग और करीब 20 ग्रामीण मार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और बाधित सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं।
उधर, रुद्रप्रयाग के किमाणा-दानकोट गांव में लगातार भूधंसाव और भूमि कटाव से कई मकानों में दरारें आ गई हैं। गोशालाओं, शौचालयों और कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखते हुए जरूरी कदम उठा रहा है।


