खाड़ी देशों में युद्ध के बाद एलपीजी गैस सिलेंडरों को लेकर हो रही अफरा-तफरी और दलालों की सक्रियता के बीच रुद्रपुर में भी गैस वितरण व्यवस्था में अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि प्रशासन और सरकार ने साफ किया है कि गैस की कोई कमी नहीं है, फिर भी निरीक्षण और शिकायतों के कारण कार्रवाई की जा रही है।
शनिवार को रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा ने अपने इलाके की एक इंडेन गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। मेयर के अनुसार, पिछले कई दिनों से शहर में इस एजेंसी पर गैस वितरण में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं।
निरीक्षण में पता चला कि एजेंसी ने गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी के बजाय उपभोक्ताओं को सीधे एजेंसी पर बुलाकर वितरण किया, जिससे भारी भीड़ और अव्यवस्था पैदा हो रही थी। इसके अलावा कुछ लोग कालाबाजारी का आरोप भी लगा रहे थे।
मेयर ने एजेंसी के ठेकेदार और प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, तहसीलदार और जिला पूर्ति अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि एजेंसी कई नियमों का उल्लंघन कर रही थी।
इसके बाद अपर जिला अधिकारी के निर्देश पर ठेकेदार विनय जायसवाल को पुलिस हिरासत में लिया गया। हालांकि कर्मचारियों के विरोध और ठेकेदार के माफीनामे के बाद उसे रिहा कर दिया गया। माफीनामे में ठेकेदार ने भविष्य में सभी नियमों का पालन करने और गैस वितरण में सुधार का आश्वासन दिया।


