उत्तराखंड में नारी वंदन अधिनियम को लेकर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दलों पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े इस अहम विधेयक को रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर सीधा प्रहार बताया।
सीएम धामी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का रुख यह दर्शाता है कि वे आम महिलाओं को संसद और विधानसभा तक पहुंचते नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि जिन दलों ने इस बिल का विरोध किया, उनके अपने परिवारों की महिलाएं पहले से राजनीति में सक्रिय हैं और ऊंचे पदों पर पहुंच चुकी हैं। लेकिन जब आम महिलाओं को समान अवसर देने की बात आई, तो उन्होंने इस पहल का विरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था। इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ती और नीति निर्माण में उनकी आवाज और मजबूत होती। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बिल को गिराकर एक बड़ा अवसर गंवा दिया गया है, जिससे देश की लाखों महिलाओं को लाभ मिल सकता था।


