हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण को लेकर हल्द्वानी में सियासी विवाद फिर गरमा गया है। शनिवार को राज्यसभा सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य चंद्रकांत हंडोरे हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने विधायक सुमित हृदयेश समेत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सीओ हल्द्वानी से मुलाकात कर एसएसपी नैनीताल के नाम पत्र सौंपा। कांग्रेस ने कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हंडोरे ने पत्र में कहा कि 8 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने इसे गंभीर और निंदनीय घटना बताते हुए आरोप लगाया कि यह छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस सांसद ने मामले को संविधान के अनुच्छेद 17 और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गंभीर बताया।
उन्होंने कहा कि यह मामला संसद में भी उठाया जा चुका है और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद घटना के 27 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कांग्रेस ने इसी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
हंडोरे ने आरोप लगाया कि कथित घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने इसे एकतरफा और अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे एससी-एसटी समेत समाज के विभिन्न वर्गों में आक्रोश है।
कांग्रेस सांसद ने मांग की कि कथित शुद्धिकरण प्रकरण में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पत्र में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग भी की गई है। हंडोरे ने चेतावनी दी कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो एससी-एसटी वर्ग से जुड़े कांग्रेस सांसद राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मामले को लोकतांत्रिक तरीके से उठाएंगे। इस दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष बहादुर सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष जाकिर हुसैन, मयंक भट्ट समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


