चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत तमिल मनीला कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग होने का फैसला किया है। पार्टी अध्यक्ष जीके वासन ने रविवार को कहा कि यह निर्णय संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और पार्टी के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए लिया गया है।
चेन्नई के एग्मोर में आयोजित पार्टी की कार्यकारी समिति की बैठक में राज्य पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद वासन ने बताया कि पार्टी के गठन के 12 साल बाद भी कई लक्ष्य पूरे नहीं हो सके हैं और हाल के चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि बैठक में मौजूद करीब 600 सदस्यों में से 450 से अधिक ने सुझाव दिया कि पार्टी को अपनी पहचान मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। इसी राय के आधार पर NDA से अलग होने का फैसला लिया गया।
वासन ने स्पष्ट किया कि BJP और AIADMK के साथ पार्टी के संबंध सौहार्दपूर्ण बने हुए हैं और गठबंधन से अलग होने के पीछे किसी तरह का राजनीतिक विवाद या मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिल मनीला कांग्रेस हमेशा गठबंधन सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने वाली पार्टी रही है।
भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर वासन ने कहा कि आगामी चुनावों के लिए किसी भी संभावित गठबंधन पर फैसला समय आने पर परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा। फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और राज्यभर में अपने जनाधार का विस्तार करने पर है।
बैठक में कई प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिनमें किसानों के ऋण माफ करने, मेकेदातु बांध मुद्दे पर कर्नाटक पर दबाव बनाने, कानून-व्यवस्था में सुधार तथा पूर्ण शराबबंदी लागू करने जैसी मांगें प्रमुख रहीं।


