उत्तराखंड हाईकोर्ट ने टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह गुसाईं की नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए मामले का निस्तारण कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नामांकन रद्द करने का निर्णय नियमों और साक्ष्यों के आधार पर उचित प्रक्रिया के तहत लिया गया था।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय भट्ट ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने नामांकन पत्र में गलत जानकारी दी थी। आरोप था कि उन्होंने लाभ के पद पर रहते हुए लगभग 40 हजार रुपये मासिक वेतन प्राप्त करने की बात को नामांकन में स्पष्ट रूप से घोषित नहीं किया। साथ ही आय संबंधी जानकारी छिपाने का भी आरोप लगाया गया।
आयोग ने यह भी तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत ऐसे मामलों में सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर नहीं की जा सकती, बल्कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव याचिका चुनाव न्यायाधिकरण में दायर की जा सकती है। आयोग ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता को पूर्व में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था और विस्तृत जांच के बाद ही नामांकन रद्द करने का निर्णय लिया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि उनका नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिला और समान अवसर के सिद्धांत का उल्लंघन हुआ है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य निर्वाचन आयोग का निर्णय वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप है, इसलिए हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद नरेंद्रनगर नगर पालिका चुनाव प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।


