उत्तराखंड में मानसून की तेज बारिश ने एक बार फिर पहाड़ से लेकर मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में भूस्खलन हुआ है, जबकि नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से सड़कें बंद हो गई हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ, बदरीनाथ और यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
गढ़वाल मंडल आयुक्त के अनुसार, चारधाम यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण आवाजाही बाधित हुई है। मौसम विभाग ने भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में आज और कल यात्रा स्थगित रखने का फैसला लिया गया है। मौसम साफ होने और रास्ते सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
बारिश का सबसे गंभीर असर यमुनोत्री क्षेत्र में देखने को मिला। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण राम मंदिर के पास जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा धंस गया। मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है। दूसरी ओर पाली गाड़ के पास हाईवे पर अचानक चट्टानी पत्थर गिरने से यमुनोत्री से लौट रहे दो कांवड़ यात्री घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर भेजा गया।
चमोली में भी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। बदरीनाथ हाईवे कंचन गंगा नाले के पास मलबा आने से बंद हो गया है। जिले की 21 ग्रामीण सड़कें भी बाधित बताई गई हैं। टिहरी में नौ ग्रामीण मार्ग बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाकर मार्गों को खोलने में जुटी हैं।
देहरादून में बारिश ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नंदा की चौकी के पास करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया नया पुल पहली मानसूनी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया। पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंसने से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया। इसके चलते पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
शहर के रेंजर्स ग्राउंड के आसपास भी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। डोईवाला और भानियावाला क्षेत्र में बरसाती खालों के उफान पर आने से हाईवे और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। सौड़ा सरोली और मालदेवता क्षेत्र में सड़कों पर मलबा आने से लोगों की परेशानी बढ़ी। सहस्रधारा में पुस्ता टूटने की सूचना है, जबकि कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित हुई। दो घरों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
सालवाला क्षेत्र में जलभराव के बाद लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कीमाड़ी मार्ग को मलबा हटाकर खोल दिया गया है, जबकि सौड़ा सरोली गांव का ग्रामीण मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारों का पूर्वानुमान जताया है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। चारधाम यात्रा पर लगी अस्थायी रोक और लगातार बंद हो रहे मार्गों ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिन उत्तराखंड में बारिश के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।


