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‘रेड अलर्ट’ पर नैनीताल!… हर कोने से आई संकट की सनसनीखेज खबर

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प्रशासन का हाई-वोल्टेज आपदा अभ्यास का दमदार प्रदर्शन

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के नैनीताल जिले में मंगलवार को आपदा प्रबंधन को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग आपात स्थितियों का अभ्यास किया गया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और बचाव दलों की तत्परता और समन्वय की जांच की गई।

सुबह से ही जिले के कई क्षेत्रों में एक के बाद एक आपदा संबंधी घटनाओं की सूचनाएं प्रसारित की गईं, जिससे पूरे सिस्टम को सक्रिय किया जा सके। हल्द्वानी के कल्सिया नाले में अचानक बाढ़ आने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के लोगों को सतर्क किया और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। राहत और बचाव टीमों को मौके पर भेजकर हालात को नियंत्रित करने का अभ्यास किया गया।

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वहीं, ओखलकांडा ब्लॉक में एक बस के गहरी खाई में गिरने की सूचना ने सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घायलों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र स्थित चार्टन लॉज के पास भूस्खलन की खबर मिलते ही टीमें “ग्राउंड जीरो” के लिए रवाना हुईं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और रास्तों को बहाल करने के प्रयासों का रिहर्सल किया गया।

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इसी क्रम में मल्लीताल के बोट हाउस क्लब में नाव पलटने की घटना का भी सिमुलेशन किया गया। जल पुलिस और बचाव दल ने मिलकर डूब रहे लोगों को बचाने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया को अंजाम दिया।

कालाढूंगी के वन क्षेत्र में रेंजर ऑफिस के पास बाघ के हमले की सूचना पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। घायल व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया।

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इसके अलावा कैंची धाम मंदिर परिसर में भगदड़ की स्थिति को भी मॉक ड्रिल में शामिल किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने, घायलों को तत्काल सहायता देने और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के उपायों का परीक्षण किया गया।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया, विभागों के बीच समन्वय और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का आकलन करना था। जिला प्रशासन के अनुसार, इस तरह के अभ्यास भविष्य में वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि को कम करने और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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हिल दर्पण डेस्क

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