उत्तराखंड सरकार ने आम जनता, यात्रियों और युवाओं के हित में तीन बड़े फैसले लिए हैं, जिनसे राज्य के विकास और सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। ये फैसले सड़क, शिक्षा और शहरी विकास से जुड़े हैं।
पहला बड़ा निर्णय सड़क नेटवर्क को लेकर है। पहाड़ी क्षेत्रों में सभी सिंगल लेन राष्ट्रीय राजमार्गों को अब डबल लेन में बदला जाएगा, जबकि मैदानी इलाकों में इन्हें फोर लेन किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इस कार्य को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में पहाड़ी क्षेत्रों में करीब 2000 किलोमीटर एनएच हैं, जिनमें से लगभग 1000 किलोमीटर पहले से डबल लेन हैं, जबकि शेष सिंगल लेन सड़कों को चरणबद्ध तरीके से चौड़ा किया जाएगा। इस योजना से दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और पर्यटन व आपात सेवाओं को भी गति मिलेगी। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने और खतरनाक मोड़ों व ढलानों को सुधारने की भी योजना है।
दूसरा फैसला शिक्षा और युवाओं से जुड़ा है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के तहत 11 हजार छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग देने का निर्णय लिया है। इसके लिए हर साल करीब 11 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। चयन प्रक्रिया जिलावार स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से होगी। इस योजना के तहत सिविल सर्विसेज, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, कैट, गेट, नेट जैसी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। योजना का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
तीसरा निर्णय शहरी विकास से जुड़ा है। देहरादून के मियांवाला क्षेत्र में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा एक पुराने तालाब का पुनर्विकास कर आधुनिक पार्क बनाया गया है। करीब 3.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पार्क का स्थानीय लोगों के लिए लोकार्पण किया गया। इस पार्क से क्षेत्रवासियों को बेहतर हरित और मनोरंजन स्थल की सुविधा मिलेगी।
इन तीनों फैसलों को राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे सड़क, शिक्षा और शहरी जीवन में व्यापक सुधार की उम्मीद है।


