उत्तराखंड में देर रात एक बड़ा अग्निकांड होते-होते टल गया, जब एक निजी अस्पताल में अचानक आग लग गई। घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि स्टाफ की सूझबूझ और समय पर दमकल विभाग की कार्रवाई से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
यह घटना हरिद्वार जिले के रुड़की के बीएसएम तिराहे के पास स्थित विनय विशाल अस्पताल की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले अस्पताल के फिजियोथेरेपी सेंटर में लगी, जिसके बाद तेजी से धुआं पूरे भवन में फैल गया। इसी दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे कई जरूरी मेडिकल उपकरण बंद हो गए और स्थिति और गंभीर हो गई।
हालात बिगड़ते देख अस्पताल कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आईसीयू में भर्ती मरीजों समेत सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया। सबसे चुनौतीपूर्ण स्थिति आईसीयू के मरीजों को निकालने की थी, लेकिन स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका, जिससे अस्पताल के बड़े हिस्से को बचा लिया गया। आग बुझाने में करीब दो घंटे का समय लगा।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। इस हादसे में फिजियोथेरेपी सेंटर की वायरिंग, फॉल सीलिंग, मशीनें और फर्नीचर सहित लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई और दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अस्पताल में सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। गौरतलब है कि यह अस्पताल पहले भी कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन संकट को लेकर चर्चा में रह चुका है।


