छह साल पहले, 2020 में कोरोना वायरस महामारी के दौरान पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया था। अब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के कारण लोग फिर से भारत में लॉकडाउन की संभावना को लेकर चिंतित हैं। संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण के बाद इंटरनेट पर लोग “भारत में लॉकडाउन” जैसे कीवर्ड सर्च कर रहे हैं।
लोकसभा में बजट सत्र के दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशियाई संकट पर अपनी बात रखी। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के समय कैसे ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हो गई थी और मौजूदा अमेरिका-ईरान संघर्ष की चुनौतियों से इसकी तुलना की। उन्होंने कहा: पहले भी हमारी सरकार ने ग्लोबल संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया था। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की जरूरत है। धीरज और संयम के साथ हर चुनौती का सामना करना है।
पीएम मोदी के इस बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, और यही कारण है कि लोग लॉकडाउन को लेकर सर्च कर रहे हैं।
बता दें कि 24 मार्च 2020 को पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा हुई थी। उस समय पीएम मोदी ने चेतावनी दी थी कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो देश पीछे चला जाएगा। अब लॉकडाउन के छह साल पूरे हो गए हैं और साथ ही पीएम मोदी ने कोरोना जैसी चुनौतियों का जिक्र किया, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई।
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण भारत में कोई लॉकडाउन लागू होने वाला नहीं है। पीएम मोदी या सरकार ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया। कोरोना महामारी के समय लॉकडाउन इसलिए लगाया गया था ताकि वायरस के फैलाव को रोका जा सके। वर्तमान स्थिति में ऐसा कोई स्वास्थ्य संकट नहीं है।
हालांकि, सरकार कुछ कदम उठा रही है, जैसे तेल संकट और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करना, कालाबाजारी रोकना और पीएनजी कनेक्शन बढ़ाना। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत दिए हैं। इसलिए, इंटरनेट पर चर्चा और सर्च बढ़ने के बावजूद, घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में कोई लॉकडाउन जैसी स्थिति फिलहाल नहीं है।


