उत्तराखंड में नशा तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अग्निवीर भर्ती में चयनित एक युवक पर प्रशिक्षण के दौरान बीमारी का बहाना बनाकर घर आने और इसके बाद अपने साथी के साथ स्मैक की तस्करी करने का आरोप है। चंपावत पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में दोनों आरोपियों को 306 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि टनकपुर क्षेत्र में सीओ निहारिका सेमवाल और एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट के नेतृत्व में नशा तस्करों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली तो उनके कब्जे से 306 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के थाना हजारा क्षेत्र स्थित बाजार घाट निवासी सुनील सिंह और गुरदीप सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यह स्मैक पीलीभीत निवासी मनु सिंह से खरीदी थी और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एक नेपाली तस्कर को सप्लाई करने जा रहे थे।
पूछताछ के दौरान सुनील सिंह ने बताया कि उसका अग्निवीर भर्ती में चयन हो चुका है और वह प्रशिक्षण ले रहा था। उसने बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी ली और घर आने के बाद अपने साथी के साथ नशा तस्करी में शामिल हो गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने के लिए पीलीभीत पुलिस से संपर्क किया गया है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ टनकपुर कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसपी रेखा यादव ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।


