उत्तराखण्ड कुमाऊं गढ़वाल देहरादून हिल दर्पण

उत्तराखंड में बड़ा एक्शन… इस तकनीक से आया अलर्ट! ध्वस्त हो गए 188 अतिक्रमण

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड सरकार ने अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। सैटेलाइट इमेजरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण की पहचान कर विभागों को तुरंत अलर्ट भेजे जा रहे हैं। इसके आधार पर संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं और स्थिति की रिपोर्ट मोबाइल ऐप के माध्यम से भेज रहे हैं।

यूसैक (Uttarakhand Space Application Centre) द्वारा विकसित इस सिस्टम से अब तक **देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल सहित कई जिलों में सैकड़ों अलर्ट जारी किए जा चुके हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल...इन अधिकारियों के बदले दायित्व

विभागवार अलर्ट की जानकारी:

देहरादून में –

राजस्व परिषद: 65
नगर निगम: 20
स्वास्थ्य विभाग: 11
खेल विभाग: 6
जल संस्थान, महिला सशक्तीकरण: 4-4
पशुपालन, पिटकुल: 3-3
उद्योग, डोईवाला नगर पालिका, लोनिवि, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, पुलिस: 2-2
रेशम, युवा कल्याण, कौशल विकास, सिंचाई विभाग: 1-1

ऊधमसिंह नगर में

शिक्षा विभाग: 15
राजस्व परिषद: 14
शहरी विकास निदेशालय: 7
पुलिस, परिवहन, कृषि विपणन परिषद: 2-2
अन्य विभाग जैसे उद्योग, स्वास्थ्य, पंचायती राज, पेयजल निगम, लोनिवि, दुग्ध विकास, सिंचाई, जल संस्थान, यूपीसीएल को 1-1 अलर्ट मिले हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी से 2027 का बिगुल!... भाजपा ने तय किया जीत का पूरा प्लान

नैनीताल में –

राजस्व परिषद: 2
पंचायती राज, सिंचाई, महिला सशक्तीकरण विभाग: 1-1

यूसैक की निदेशक नितिका खंडेलवाल ने बताया कि यह सिस्टम इतना आसान बनाया गया है कि विभागीय अधिकारी सीधे मोबाइल से ही कार्रवाई कर सकते हैं। जब भी किसी स्थान पर अतिक्रमण की आशंका होती है, एआई अलर्ट जारी करता है। टीम मौके पर जाकर वहां की तस्वीरें और वीडियो ऐप पर अपलोड करती है। एआई इन डाटा का विश्लेषण कर स्थिति स्पष्ट करता है और यदि जरूरी हो तो अलर्ट हटा दिया जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  जिस फैसले का था बेसब्री से इंतजार, वही सुनवाई टली...बनभूलपुरा प्रकरण में बढ़ी बेचैनी

सरकार के पास अब सैटेलाइट के माध्यम से राज्य की सभी खाली पड़ी सरकारी जमीनों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध है। ऐसे में आने वाले समय में जब कोई नया प्रोजेक्ट बनाया जाएगा, तो जमीन की तलाश में समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में