खाकी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस कस्टडी के दौरान एक युवक के साथ गंभीर उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। मामला बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित युवक की पहचान भेरोखड़ा गांव निवासी संजय पोद्दार के पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है, जिसकी हालत बिगड़ने पर उसे पहले ताजपुर अस्पताल और फिर समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर किया गया।
पीड़ित मनीष कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे चोरी के एक मामले में संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था। मनीष के अनुसार, वह ताजपुर बाजार स्थित सोनी ज्वेलर्स में काम करता था। दुकान में हुई चोरी के बाद दुकानदार ने उसे बुलाकर बंधक बनाया, मारपीट की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
मनीष का दावा है कि पुलिस ने उसे चार दिनों तक हिरासत में रखकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उसने आरोप लगाया कि कस्टडी के दौरान उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। पीड़ित ने यह भी कहा कि पुलिस ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की और पूरे परिवार को धमकाया।
चार जनवरी को निजी मुचलके पर रिहा होने के बाद मनीष की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। पिता संजय पोद्दार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, ताजपुर थानाध्यक्ष शंकर शरण दास ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। दूसरी ओर, समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो और आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई है और मामले की जांच जरी है।


