उच्च न्यायालय एक मामले की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। दिल्ली हाई कोर्ट में वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए चल रही इस कार्यवाही के बीच अचानक अश्लील वीडियो चलने लगे, जिससे अदालत की कार्यवाही बाधित हो गई। इस अप्रत्याशित घटना ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया। जानकारी के अनुसार, जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, कुछ समय बाद स्क्रीन पर आपत्तिजनक वीडियो दिखाई देने लगे। अदालत ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से वही वीडियो चलने लगे। इससे साफ हुआ कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि कुछ गंभीर समस्या हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि यह आपत्तिजनक कंटेंट कुछ यूजर अकाउंट्स के माध्यम से प्रसारित हुआ। इन अकाउंट्स की पहचान श्रीधर सरनोबत और शीतजीत सिंह के नाम से की गई है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इन अकाउंट्स का दुरुपयोग हुआ या किसी ने जानबूझकर ऐसा किया।
स्थिति को बिगड़ता देख अदालत ने तुरंत वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम को बंद कर दिया, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी या दुरुपयोग को रोका जा सके। यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया, जिससे सुनवाई की गरिमा बनी रहे। कुछ समय बाद जब VC सिस्टम को फिर से चालू किया गया, तो एक बार फिर वही समस्या सामने आई। अश्लील वीडियो दोबारा चलने लगे, जिससे यह शक और गहरा हो गया कि सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की गई है।
इस दौरान एक ऑटोमेटेड आवाज भी सुनाई दी, जिसमें दावा किया गया कि सिस्टम को अमेरिका से हैक किया गया है। संदेश में यह भी कहा गया कि मीटिंग को तुरंत बंद कर दिया जाए और दोबारा शुरू न किया जाए।
इस ऑडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया। इस घटना के बाद अदालत के वर्चुअल सिस्टम पर साइबर हमले की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया हो सकता है।पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट को सौंप दी गई है। यह यूनिट साइबर अपराधों की जांच में विशेषज्ञ मानी जाती है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आखिर यह घटना कैसे हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।


