पुलिस की कथित अमानवीयता का मामला सामने आया है, जिसमें न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची एक महिला के साथ मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगा है। मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज से आरोपों की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक दरोगा और तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
मामला उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र का है। पीड़िता नेहा, जो सोनू की पत्नी बताई जा रही है, ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि 29 अप्रैल को उसके पति के चचेरे भाई ने घर में घुसकर उसके साथ और उसकी बहन (साली) के साथ मारपीट की थी। इसी घटना की शिकायत दर्ज कराने के लिए वह अपनी मां और भाई के साथ थाने पहुंची थी।
महिला का आरोप है कि जब वह थाने के बाहर बैठकर प्रार्थना पत्र लिख रही थी, तभी सादे कपड़ों में पहुंचे दरोगा अशोक सिंह ने उसका हाथ पकड़कर उसे जबरन थाने के अंदर ले लिया। इसके बाद वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। नेहा का कहना है कि विरोध करने पर उसे और प्रताड़ित किया गया, जिससे वह भयभीत हो गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके खिलाफ ही शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया और 500 रुपये लेकर उसे तहसील भेज दिया। जमानत मिलने के बाद भी उसे तहसील परिसर में अकेला छोड़ दिया गया, जिससे वह खुद को असुरक्षित महसूस करती रही और किसी तरह घर लौट सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मियों द्वारा महिला के साथ अभद्र व्यवहार की पुष्टि हुई। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दरोगा अशोक सिंह और तीन सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


