पुलिस महकमे भ्रष्टाचार के मामले लगातार उजागर होते रहें हैं, लेकिन इस बीच एक हैरान कर देने वाला वाक्या सामने आया है। जिसने महकमे में खलबली मचा दी है। इस बीच यूपी के अलीगढ़ से पुलिस विभाग में क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर महेश कुमार गौतम पर आरोप है कि उन्होंने मारपीट के एक केस की विवेचना के नाम पर पीड़ित से रिश्वत ली, लेकिन इसके बावजूद जांच पूरी नहीं की।
इगलास क्षेत्र के आनंद विहार कॉलोनी निवासी रामकुमार शर्मा के अनुसार, 14 मार्च 2025 को उनके भाई के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर महेश कुमार गौतम को सौंपी गई थी। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने केस को आगे बढ़ाने के नाम पर अलग-अलग समय में कुल एक लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल ली।
रामकुमार का कहना है कि 13 जनवरी को 50 हजार रुपये, 7 जनवरी को 25 हजार रुपये और 20 हजार रुपये अलग से लिए गए। इसके अलावा 5 हजार रुपये ‘कानूनी राय’ के नाम पर एक मिठाई की दुकान पर भी लिए गए। इतना ही नहीं, आरोपी इंस्पेक्टर ने कई बार होटल में खाना और मिठाई भी मंगवाई। इसके बावजूद करीब सात महीने बीत जाने के बाद भी विवेचना पूरी नहीं की गई।
पीड़ित का आरोप है कि हाल ही में इंस्पेक्टर ने 40 हजार रुपये की और मांग की। इससे परेशान होकर रामकुमार ने रिश्वत लेते हुए इंस्पेक्टर का वीडियो बनाकर एसएसपी के सीयूजी नंबर पर भेज दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नीरज जादौन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। साथ ही सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।


