हल्द्वानी। शनिवार को हल्द्वानी कैंप कार्यालय में आयोजित जनता मिलन एवं जनसुनवाई कार्यक्रम में कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में भूमि विवाद, धोखाधड़ी कर धनराशि हड़पने, अवैध निर्माण, पारिवारिक विवाद, प्रमाणपत्र जारी करने और नौकरी से हटाए जाने समेत कई गंभीर मामले सामने आए। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों का नियमानुसार निस्तारण करने और जहां संभव हो, मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान हल्द्वानी निवासी गुरुवचन कौर ने अपने बिजनेस पार्टनर हरजीत सिंह और मंजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि यदि संबंधित कंपनी बंद हो चुकी है तो इसकी लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कंपनी और शिकायतकर्ता के बीच हुए पूर्व लेनदेन का पूरा विवरण प्रस्तुत करने तथा नियमानुसार देय राशि वापस करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित कंपनी से खरीदी गई संपत्ति में शिकायतकर्ता के हिस्से, मासिक लाभ और बैंक स्टेटमेंट का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा।
वहीं रामनगर क्षेत्र के कंदला निवासी बलजीत सिंह ने सामान्य जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाने का मामला आयुक्त के सामने रखा। इस पर आयुक्त ने रामनगर तहसीलदार को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शीघ्र प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए।
लोरियासाल तल्ला, हल्द्वानी निवासी सीमा रौतेला ने दहेज एवं धनराशि वापस दिलाए जाने की शिकायत की। मामले की सुनवाई करते हुए आयुक्त ने दोनों पक्षों को निर्देश दिए कि संबंधित पक्ष के पास जो भी सामान रखा है, उसका तत्काल वीडियो बनाकर सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की कार्रवाई में इसे प्रस्तुत किया जा सके।
डॉक्टर्स लेन, कैनाल रोड, तिकोनिया निवासी रश्मि पवार ने शिकायत की कि महेश ऐरी द्वारा उनके दो प्लॉट गलत तरीके से बेच दिए गए। मामले में आयुक्त ने संबंधित व्यक्ति को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता को प्लॉट की मार्केट वैल्यू के आधार पर उनकी धनराशि वापस की जाए।
आयुक्त ने मामले की सुनवाई करते हुए बताया कि प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने न्यायालय के अंतिम निर्णय और अगली सुनवाई तक संबंधित महिला कर्मचारी को कार्य पर बनाए रखने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित विभाग शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करें।


