उत्तराखंड हाईकोर्ट में उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संघ की अवमानना याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष संघ की ओर से राज्य सरकार पर कर्मचारियों के साथ जबरन अनुबंध पत्र भरवाने का आरोप लगाया गया।
संघ की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जो उपनल कर्मचारी अनुबंध पत्र भरने से इनकार कर रहे हैं, उन्हें वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, पूर्व में दिए गए वेतन में कटौती करने के साथ ही कर्मचारियों को सेवा में आकस्मिक ब्रेक भी दिया जा रहा है। संघ का कहना है कि सरकार के बॉन्ड से संबंधित आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों को अब इन कार्रवाइयों के जरिए दंडित किया जा रहा है।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शपथपत्र पर जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। कोर्ट ने सरकार को समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए **24 सितंबर** की तारीख तय की है।
मामले के अनुसार, प्रदेश सरकार द्वारा हाईकोर्ट के आदेश का पिछले करीब एक साल से पालन नहीं किए जाने का आरोप है। इस दौरान सरकार की ओर से बार-बार अतिरिक्त समय की मांग की जा रही है। इसे लेकर प्रदेशभर के उपनल कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।


