उत्तराखंड में जनगणना के दूसरे चरण को लेकर सरकारी मशीनरी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने के लिए शासन ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत जनगणना ड्यूटी से स्वास्थ्य कारणों के आधार पर छूट पाने के लिए मेडिकल बोर्ड की जांच अनिवार्य होगी। बोर्ड की सिफारिश के बाद ही किसी कर्मचारी की ड्यूटी से छूट पर निर्णय लिया जाएगा।
सचिव जनगणना दीपक कुमार की ओर से जारी एसओपी में विभागों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट कर दी गई है। जनगणना अधिनियम के तहत कोई भी विभाग अपने कर्मचारियों को जनगणना कार्य से अलग नहीं रख सकता। निर्धारित नियमों की अनदेखी करने वाले विभागों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
ड्यूटी आवंटन में कर्मचारियों की सुविधा के साथ-साथ संस्थानों के नियमित कामकाज का भी ध्यान रखा जाएगा। कर्मचारियों को उनके वर्तमान तैनाती स्थल के सबसे नजदीक का जनगणना ब्लॉक आवंटित किया जाएगा। स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अधिक शिक्षक संख्या वाले विद्यालयों से प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया जाएगा।
वहीं, एकल शिक्षक वाले विद्यालयों को जनगणना ड्यूटी से बाहर रखा गया है। ऐसे विद्यालयों में शिक्षक की अनुपस्थिति से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य संबंधी आधार पर ड्यूटी से छूट के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारियों के मामलों की जांच मेडिकल बोर्ड करेगा। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही छूट दिए जाने या आवेदन अस्वीकार करने का निर्णय होगा।
एसओपी में रिजर्व कर्मचारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। रिजर्व में रखे जाने मात्र से कर्मचारी अपने नियमित विभागीय कार्य से छूट का दावा नहीं कर सकेंगे। जनगणना कार्य के लिए वास्तविक ड्यूटी लगाए जाने के बाद ही उन्हें नियमित कार्य से संबंधित आवश्यक छूट मिलेगी।


