हल्द्वानी। कुमाऊं के प्रमुख सरकारी अस्पतालों से बड़ी संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सकों के तबादले को लेकर राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी नैनीताल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने सरकार से तबादला आदेशों की समीक्षा करने और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
विधायक ने कहा कि हल्द्वानी का स्वास्थ्य तंत्र केवल नैनीताल जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कुमाऊं मंडल के लाखों लोगों के इलाज का मुख्य केंद्र है। प्रतिदिन अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर और पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज सुशीला तिवारी चिकित्सालय, बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी मरीजों के इलाज पर गंभीर असर डाल सकती है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय से 16, डॉ. सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय से 8 और महिला चिकित्सालय से 8 विशेषज्ञ डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें सर्जरी, मेडिसिन, एनेस्थीसिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, माइक्रोबायोलॉजी, कैजुअल्टी और इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के चिकित्सक शामिल हैं।
सुमित हृदयेश का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का सबसे अधिक असर दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर पड़ेगा। ऑपरेशन, आपातकालीन उपचार और गंभीर बीमारियों के इलाज में देरी होने की आशंका बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
ज्ञापन में विधायक ने सरकार से मांग की है कि यदि प्रशासनिक कारणों से तबादले वापस लेना संभव नहीं है तो संबंधित अस्पतालों में समान विशेषज्ञता वाले चिकित्सकों की तत्काल नियुक्ति की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी नैनीताल के अध्यक्ष राहुल छीमवाल, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मधू सांगुड़ी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


