उत्तराखण्ड जजमेंट देहरादून स्थानान्तरण हिल दर्पण

हाईकोर्ट की सख्ती-सरकार का यू-टर्न…उत्तराखंड में इस अफसर का ट्रांसफर आदेश रद्द

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड सरकार ने नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के निदेशक आईएफएस अधिकारी पंकज कुमार का तबादला आदेश वापस ले लिया है। यह फैसला उस समय आया है, जब उत्तराखंड हाईकोर्ट ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना के मामले में वन विभाग के प्रधान सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पंकज कुमार का तबादला आदेश निरस्त कर दिया गया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर लिया और अवमानना याचिका की अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर 2026 की तिथि निर्धारित कर दी।

यह भी पढ़ें 👉  चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फेरबदल...उत्तराखंड में डिजिटल मोर्चे पर उतारी नई टीम

दरअसल, हाईकोर्ट ने पहले ही पंकज कुमार के पक्ष में “नो मूवमेंट” का अंतरिम आदेश जारी करते हुए उनके तबादले पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 में उनका तबादला कर दिया। पंकज कुमार ने इस आदेश को वापस लेने के लिए आवेदन भी दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिस पर हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्यवाही शुरू की।

यह भी पढ़ें 👉  भाजपा नेता पर जानलेवा हमला!...कैफे में घुसे 5 लोग, पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश

सरकार द्वारा तबादला आदेश वापस लिए जाने के बाद फिलहाल आईएफएस पंकज कुमार नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के निदेशक पद पर ही कार्यरत रहेंगे।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में